सिख समाज के बुद्धिजीवियों ने सुलझाया बीजेपी नेता का प्रकरण
पूरनपुर-पीलीभीत। बीजेपी नेता की पिटाई का प्रकरण दिल्ली से आये सिख समाज के बुद्धिजीवी वर्ग ने सुलझा दिया है, दोनों पक्ष गले मिलकर समझौते पर राजी हो गए है। इससे पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली हैं।
पुवायां चुनाव में जा रहे भाजपा के जिला मंत्री राजेन्द्र कश्यप के साथ हरदोई ब्रांच नहर पुल पर अभद्रता हुई थी। आरोप था कि बीजेपी नेता ने रास्ते से गाड़ी निकालने के लिए रिवाल्वर लहराया था। इससे भड़के सिखों ने जिला मंत्री के साथ हाथापाई कर दी थी। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा सिख समाज के पक्ष में खुलकर सामने आ खड़े हुए। उसके बाद बीजेपी जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रेस कांफे्रस कर दी। उसके बाद पुलिस ने उसी रात दो लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इससे हड़कम्प मचा और छीना मैरिज पैलेश में दिल्ली गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मंजिन्दर सिंह सिरसा ने पहुंचकर सिख समाज के साथ मीटिंग की। शनिवार की रात पुलिस की मौजूदगी में घंटो मंथन चलने के बाद अगले दिन रविवार को पीलीभीत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा के आवास पर जुटे सिख समाज के बुद्धिजीवियों ने विवाद में समझौता करा दिया। विवाद को सुलझाने में दिल्ली से आये गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मंजिन्दर सिंह सिरसा का अहम रोल रहा। दोनों पक्ष समझौते पर राजी हो गए और गले मिलकर गिला सिकवा दूर किये। इस मौके पर मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, जिला मंत्री राजेन्द्र कश्यप, सुख अमृतपाल सिंह सोनू छीना, मंजीत सिंह औलख सहित सिख समाज के लोग उपस्थित रहे।
इंसेट बयान- मंजिन्दर सिंह सिरसा, अध्यक्ष गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली।
किसी व्यक्ति ने वीडियो वायरल करके निश्चित तौर पर जिला मंत्री के सम्मान को ठेस पहुंचाई थी, झगड़े का कोई मोटिव नहीं था। सामाजिक रूप से विवाद सुलझ गया है।
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