उप स्वास्थ्य केन्द्र पर वर्षों से लटक रहा ताला, स्वच्छ भारत मिशन की उड़ाई जा रहीं धज्जियां
लाखों की लागत से बनी विल्ंिडग बनी कचरा घर, सफाई व्यवस्था चैपट
पूरनपुर-पीलीभीत। तहसील कलीनगर में उप स्वास्थय केन्द्र पर वर्षाे से ताला लटक रहा है, इससे ग्रामीण परेशान हो रहे है। स्वास्थ्य केन्द्र में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं एएनएम घर पर रहकर कर रही है। स्वास्थ्य केन्द्र में वर्षो से साफ सफाई न होने के चलते उप स्वास्थ्य केन्द्र खंडहर में तब्दील हो गया है।
प्रदेश सरकार ने लाखों रूपये के बजट से ग्रामीण क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण कराये। ग्रामीणों को गांव में ही सही समय पर उपचार मिल सके, लेकिन संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह कचरा घर में तब्दील हो गए है। मामला तहसील कलीनगर का है जहां एएनएम व आशा की लापरवाही के चलते उप स्वास्थ्य केन्द्र में वर्षों से ताला पड़ा हुआ है। कहने को स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम को मरीजों की देख-रेख के लिए उप स्वास्थ्य केन्द्र में तैनाती दी है। सरकार प्रदेश स्तर पर इसके लिए प्रतिमाह करोड़ो रूपये खर्च करती है लेकिन इसके बाबजूद भी एएनएम उप स्वास्थ्य केन्द्र न पहुंचकर घर बैठकर वेतन पा रहीं है। उप स्वास्थ्य केन्द्र में बच्चों का टीकाकरण, महिला प्रसव जैसी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती है, लेकिन जब चिकित्सालय में ताले पड़ गए है तो मरीजों को कौन देखे। उप स्वास्थय केन्द्र में होने वाले उपचार के संबंध में एएनएम घर बैठकर कागजी खानापूरी करतीं है। वर्षो से उप स्वास्थ्य केन्द्र न खुलने से उप स्वास्थ्य केन्द्र में घास फूस की झाडियां उग आई है। सरकार हर साल उप स्वास्थ्य केन्द्र की साफ सफाई के लिए लाखों रूपये खर्च करती है, यह रूपया भी विभागीय अधिकारी व एएनएम मिलकर डकार रहीं हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन की उड़ाई जा रही धज्जियां
सरकार लाखों रूपये खर्च करके स्वच्छ भारत मिशन अभियान चला रही है, लेकिन स्थानीय अधिकारी सरकार के अरमानों पर पानी फेर रहे है। तहसील कलीनगर के उप स्वास्थ्य केन्द्र वर्षो से बंद पड़ा है। उप स्वास्थ्य केन्द्र की साफ-सफाई के लिए हर साल सरकार ब्लाक स्तर पर भी लाखों रूपये देती है। लेकिन यह धन कहां जाता है कोई नहीं जानता। देख-रेख के अभाव में उप स्वास्थ्य केन्द्र खंडहर में तब्दील हो गया है।
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रमनगरा में विद्युत वकायदारों से कर्मचारी कर रहे अवैध वसूली
पूरनपुर-पीलीभीत। तराई क्षेत्र के रमनगरा में विद्युत कर्मचारियों ने अवैध वसूली का नया तरीका निकाल लिया है और ग्रामीणों के घर जाकर बिजली बिल वकाया होने की धमकी देकर मुकदमा दर्ज कराने बात कहकर अवैध वसूली कर रहे है। एक घर से सौ दो सौ रूपये से लेकर पांच सौ रूपये तक की वसूली हो रही है। पूरे प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, इससे संबंधित विभाग में हडकंप मचा हुआ है।
तहसील कलीनगर क्षेत्र के गांव रमनगरा के ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत कर्मचारी बिजली बिल वकाया होने की धमकी देकर अवैध वसूली कर रहे है। इससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। एक महिला ने बताया कि विद्युत कर्मचारी गुरूवार को कनेक्शन काटने की धमकी देकर तीन सौ रूपये वसूल करके ले गए है। इसके बाद लाइन जोड़ दी है। महिला ने बताया कि 300 रूपये देने पर विद्युत कर्मी शास्त्री ने केबिल जोड़ी है। विद्युत कर्मचारी खुलेआम अवैध वसूली कर रहे है और अधिकारी मौन बैठे है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत कर्मचारी घर-घर जाकर कनेक्शन काटने के नामपर एक घर से दो सौ रूपये से लेकर पांच सौ रूपये तक की वसूली कर रहे है। इतना ही नही जिस घर से रूपये नही दिए जाते है उनके कनेक्शन काट कर मीटर खोल लिए गए है। आरोप है कि तीन चार विद्युत कर्मचारी गांव में जमकर अवैध वसूली कर रहे है। पूरे प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, इससे संबंधित विभाग में हडकंम मचा हुआ है।
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छात्रा को देखकर गाना गा रहे युवक को उठा ले गयी पुलिस
पूरनपुर-पीलीभीत। बण्डा रोड पर गन्ना महाविद्यालय की छात्रा को देखकर गाना गा रहे एक युवक को यह हरकत भारी पड़ गयी। पास में खड़ी पुलिस ने युवक को धर लिया और कोतवाली लाकर मुकदमा पंजीकृत करा दिया।
गल्र्स काॅलेज सहित अन्य स्कूलों में छुट्टी के दौरान पुलिस विभाग अलर्ट है और अश्लील हरकत भी जेल जाने का कारण बन सकती है। पुलिस सिविल ड्रेस में रहकर आशिक मिजाज युवकों पर नजर रखे हुए है। ताजा उदाहरण बण्डा रोड का है, डिग्री काॅलेज की छुट्टी के दौरान छात्रा को टकटकी लगाकर घूर रहे युवक ने जैसे ही अश्लील हरकत करते हुए फिल्मी गाना शुरू किया कि पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उप निरीक्षक अभय कुमार पाण्डेय ने युवक को हिरासत में लिया और कोतवाली लेकर आये। पूंछताछ में युवक ने अपना नाम राजीव निवासी केशोपुर बताया। पुलिस ने आरोपित के विरूद्ध धारा 294 के अंर्तगत मुकदमा दर्ज कराते हुए चालान कर दिया हैं।
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मौलाना की बढ़ रही मुश्किलें, अब प्लाट के नामपर लाखों की ठगी करने का आरोप
पूरनपुर-पीलीभीत। हाल ही में एक महिला ने मौलाना पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। मामला तूल पड़कने पर संबंधित आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि महिला के आरोप लगाने के मामले की जांच चल रही है, वहीं दूसरा प्रकरण सामने आ गया है। पीलीभीत आवास विकास में रह रहे एक व्यक्ति ने मौलाना पर लाखों रूपये ठगी करने का गंभीर आरोप लगाकर तहरीर दी है।
पूरनपुर के मोहल्ला खानका में रह रहे हाफिज नूर अहमद अजहरी पर एक महिला ने घर में घुसकर छेड़खानी करने का गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी और उक्त प्रकरण मंे काफी खीचतान के बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। उसके बाद मौलाना को निर्दोष बताते हुए महिलाओं ने प्रदर्शन किया था और जिलाधिकारी को संबोधित प्रार्थना पत्र भेजा था। उक्त प्रकरण के बाद एक और मामला मौलाना के खिलाफ चर्चा में आ गया है। पीलीभीत में एक संस्था चला रहे प्रबंधक ने मौलाना नूर अहमद अजहरी व एक अन्य के खिलाफ लाखों रूपये ठगी करने का आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी है। आवास विकास काॅलोनी में रह रहे फखरूद्दीन ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि मौलाना ने एक जमीन का प्लाट दिखाते हुए लाखों रूपये की ठगी की है, उन्हें हजरते आयशा सिद्दीकी जनसेवा शिक्षा समिति के लिए प्लाट उपलब्ध कराने का झांसा देकर फर्जीवाड़ा करते हुए करीब आठ लाख रूपये का चूना लगाया गया हैं।
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डिजिटल लेन-देन में हो रही देरी से रूका ग्राम पंचायतों का विकास
करोड़ो बकाया होने पर प्रधान-सचिव नहीं उठा रहे फोन
भट्टा मालिक से लेकर बिल्ंिडग मटेरियल वाला तक है परेशान
पूरनपुर-पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में डोंगल सिस्टम लागू होने से विकास कार्य का पहिया थम सा गया है, आॅफलाइन लेन-देन पर पूरी तरह रोक है। दूसरी ओर पंचायतों में कराये गए करोड़ों रूपये के भुगतान लटकने से प्रधान ही नहीं ग्राम पंचायत अधिकारी भी परेशान है। डिजिटल हस्ताक्षर के फेर में ग्राम पंचायतों में सन्नाटा छाया हुआ हैं।
भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार करते हुए सरकार ने डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा देने हुए अगस्त 2019 से ग्राम पंचायतों के खाते पर रोक लगा दी है, इसके बाद आॅफलाइन भुगतान पर पूरी तरह प्रतिबंध है। लेकिन संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते डिजिटल सिग्नेचर सिस्टम भी लागू नहीं हो सका है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास का पहिया रूक गया है और अधूरे काम पड़े हुए है। अकेले पूरनपुर ब्लाक की ही बात करें तो करोड़ो रूपये का भुगतान फंसा हुआ है और भट्टा मालिक से लेकर पंचायतों में बिल्ंिडग मटेरियल सप्लाई करने वाले परेशान है। आलम यह है कि संबंधित पंचायतों के प्रधान उधारी वालों की नजरों से बचने के लिए ब्लाक आना छोड़ रहे हैं। आॅनलाइन भुगतान शुरू न होने से विकास कार्य बुरीतरह प्रभावित है, दूसरी ओर संबंधित अधिकारी डोंगल को लेकर कुछ कहने से बच रहे हैं।
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प्रधानों को सता रही चुनाव की चर्चा
गांव की सरकार के कार्यकाल में आखिरी वर्ष ग्रामीण वोटर के गिले सिकवे दूर करने का रिवाज है, लेकिन इस बार अगस्त 2019 से निधि के खाते पर पूरी तरह रोक लगने के बाद प्रधानों के चेहरे मुरझाये हुए है। कारण स्पष्ट है कि पड़ोसी राज्य उत्तराखण्ड में पंचायत चुनाव का विगुल बज चुका है और यूपी में पंचायती चुनाव के चर्चे होने लगे हैं। इधर, गांव पंचायतों में पड़े अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए प्रधान अपने आपको लाचार व अर्थहीन ही तरह देख रहे हैं।
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सर्प के काटने से महिला की मौत
पूरनपुर-पीलीभीत। एक महिला की सर्प के काटने से मौत हो गई। बीती रात महिला पति को खाना देने के बाद बिस्तर पर सोने जा रही थी इस दौरान तकिया नीचे गिर गई। तकिया को उठाने के लिए महिला ने हाथ जैसे ही नीचे बढ़ाया कि उसे काले सर्प ने डस लिया। सर्प दंश से पीड़ित महिला को झाड़-फूंक करने के बाद घर भेज दिया गया। इसके बाद महिला की मौत हो गई।
चिकित्सा के अभाव में महिला की मौत होना बताया जा रहा है। परिजनों ने महिला को सर्प के काटने के बाद अस्तपाल लेजाना उचित नहीं समझा और जहर पूरे शरीर में फैल जाने से उसकी मौत हो गई। सर्प दंश से पीड़ित महिला रिजवाना 35 पत्नी गुड्डू को एक झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति के पास लाजाया गया था। रिजवाना 35 को देर रात घर में काले सर्प ने काट लिया था और उसको चिकित्सा के लिए अस्पताल न लाकर अन्य जगहों पर लेजाकर उपचार कराया गया। बताया जाता है कि महिला का हाथ कई जगह बांध दिया गया था जो रात में खुल जाने से उसकी मौत हो गई। महिला की मौत से घर कोहराम मचा हुआ हैं।
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एएनएम की अनुपस्थित के मामले में चिकित्सक तलब
पूरनपुर-पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्साधिकारी के निरीक्षण के बाद स्पष्टीकरण मांगने का सिलसिला जारी है, हाल ही में पल्स पोलियो कार्यक्रम की समीक्षा बैठक से गायब रहे पांच चिकित्सकों से जवाब मांगा गया है। वहीं पोलियो अभियान से गैर हाजिर रहने वाली एएनएम के संबंध में माधोटांडा सीएचसी में तैनान चिकित्सक से एमओआईसी से जवाब तलब किया हैं।
पल्स पोलियो अभियान में लगातार चिकित्सक व कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हो रही है, इसका निरीक्षण स्वयं सीएमओ सीमा अग्रवाल कर चुकीं है। हाल ही में समीक्षा मीटिंग से गायब रहे पांच चिकित्साधिकारियों से मुख्य चिकित्याधिकारी ने स्पष्टीकरण तलब किया था। अब दूसरी ओर पोलियो कार्यक्रम से नदारद रहने वाली एएनएम से संबंधित स्पष्टीकरण प्रभारी चिकित्साधिकारी डा0 छत्रपाल सिंह ने माधोटांडा अस्पताल में तैनात चिकित्साधिकारी डा0 विनीत यादव से मांगा हैं। इसको लेकर एएनएमों में हड़कम्प मचा हुआ हैं।
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